ये 3 पेड़ बनाएंगे किसानो को करोड़पति, मुनाफे की गारंटी और मेहनत थोड़ी सी

Written by Priyanshi Rao

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किसानों के बीच पेड़ों की खेती का चलन भी तेजी से बढ़ रहा है। देश के कई राज्यों से ऐसे उदाहरण भी सामने आए हैं, जहां किसान महज पेड़ों की खेती से अमीर बन गए हैं।

सफेदा के पेड़ की खेती

किसानों के बीच सफेदा की खेती काफी लोकप्रिय है। सफेदा की लकड़ियों का उपयोग फर्नीचर, ईंधन और कागज का उत्पादन करने में किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक हेक्टेयर क्षेत्र में यूकेलिप्टस के 3000 पौधे लगाए जा सकते हैं। यह पेड़ केवल 5 सालों में अच्छे तरीके से विकास कर लेता है, जिसके बाद इसे काटा जा सकता है। एक हेक्टेयर में सफेदा की खेती करने से किसान आराम से 70 लाख से एक करोड़ रुपये तक का मुनाफा कमा सकता है।

महोगनी के पेड़ों की खेती

महोगनी के पेड़ को विकसित होने में 12 साल लग जाते हैं। इसकी लकड़ियों से लेकर पत्तियां और खाल का उपयोग कई तरह की गंभीर बीमारियों के खिलाफ किया जाता है। इसकी पत्तियों और बीजों के तेल से मच्छर भगाने वाले प्रोडक्ट्स और कीटनाशक बनाए जाते हैं। इसके बीज बाजार में एक हजार रुपये प्रति किलो तक बिक सकते हैं।

सागवान के पेड़ की खेती

सागवान के पेड़ की कटाई किसान 12 साल में कर सकते हैं। 1 सागवान का पेड़ एक बार काटने के बाद फिर से बढ़ता है और फिर से काटा जा सकता है। अगर एक एकड़ में 500 सागवान के पेड़ लगाए जाएं तो 12 सालों बाद इसकी कीमत करोड़ों की हो सकती है।

इन पेड़ों की खेती के लिए किसानों को धैर्य रखने की आवश्यकता है, क्योंकि ये पेड़ विकसित होने में कुछ साल लगते हैं। इन पेड़ों की खेती से किसान न केवल अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं, बल्कि वे पेड़ों के संरक्षण और पृष्ठभूमि सुधार के माध्यम से प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा भी करते हैं।

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