बिजली फूल कैसा होता है ,और इसकी खेती कैसे की जाती है ,जानिए इसकी खेती की सम्पूर्ण जानकारी

Written by Saloni Yadav

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Electric Flower Cultivation :

बिजली के फूल की खेती से किसानो को काफी लाभ होता है ,भारत में अनेक प्रकार के फूलो की खेती की जाती है ,जैसे – गुलाब ,गेंदा ,सूरजमुखी ,लिली और जरबेरा आदि कई फूलो की खेती की जाती है। फूल की खेती करना कोई कठिन कार्य नहीं है ,इसकी खेती आसानी से कम समय में अधिक पैदावार देती है ,भारत में अनेक फूल उगाये जाते है ,और फूलो का प्रयोग कई चीजों के लिए किया जाता है। इसकी खेती नगदी फसल के रूप में भी की जाती है। इसकी खेती को अधिक मुनाफे की खेती मानी जाती है। भारत में इसकी खेती पंजाब ,हरियाणा ,हिमाचल प्रदेश ,मध्य्प्रदेश ,उतरप्रदेश ,बिहार ,श्रीनगर ,राजस्थान और झारखण्ड आदि राज्यों में की जाती है। ब्राजील ,अमेरिका ,ऑस्ट्रलिया और पेरू आदि देशो में की जाती है।

बिजली के फूल को ‘‘एकमेला ओलेरासिया” भी कहा जाता है ,क्योकि यह इसका वानस्पतिक नाम होता है। आपको बता दे की बिजली के फूल की बहुत अधिक प्रजातिया पाई जाती है। जैसे – नीले रंग की प्रजाति ,लाल ,पीला ,सफेद और भी कई प्रजातिया पाई जाती है। अगर आप भी इसकी खेती कर मुनाफा कमाना चाहते है तो हम आपको इसकी खेती कैसे की जाती है ,और इसका पौधा कैसे होता है ,तथा इसकी खेती के लिए आवश्यक जलवायु ,मिट्टी ,और पैदावार की सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

कैसा होता है बिजली का फूल

आप को बता दे की कई लोग यह सोचते है की यह बिजली को पौधा कैसा होता है ,उसकी खेती कैसे की जाती है इन सबकी जानकारी नहीं होती है ,इसलिए आपको बता दे की यह पौधा किसानो को अधिक मुनाफा देता है। बिजली का फूल काफी आकर्षित होता है ,इसकी कालिया गोल होती है ,जो की देखने में काफी सुन्दर होते है। इन फूलो की मांग बाजार में अच्छी होती है। सफेद रंग का फूल काफी महगा होता है जो कुछ पीलापन लिए होता है।

बिजली के फूल से होने वाले फायदे

  • बिजली का फूल कम समय में अच्छी पैदावार देता है।
  • बिजली के फूल की मांग बाजार में अधिक पाई जाती है।
  • इसके फूल में रोग और कीट कम देखने को मिलते है।
  • इसकी फसल नगदी फसल के रूप में की जाती है।
  • इसकी खेती में कम लागत होती है,और अधिक मुनाफा होता है।

बिजली की खेती के लिए आवश्यक जलवायु और मिट्टी

आप को बता दे की इसकी खेत के लिए ठंडी जलवायु अच्छी मानी जाती है। किसी भी खेती के लिए जलवायु का अधिक महत्व पाया जाता है।

बिजली की खेती के लिए मिट्टी की बात करे तो इसके खेती के लिए पोषक तत्वों से भरपूर जीवाश्मयुक्त मिट्टी होनी चाहिए। इसकी खेती की अच्छी पैदावार के लिए भूमि का PH मान 6 से 7 के बीच होना चाहिए।

बिजली की खेती में आवश्यक सिचाई और उर्वरक की मात्रा

आप को बता दे की इसकी खेती में शाम और सुबह के समय ही सिचाई करनी चाहिए ,धूप होने पर इसकी खेती न करे। इसकी खेती में सप्ताह में एक बार पानी अवश्य दे ,और इसके अलावा आवश्यकता होने पर भी सिचाई कर सकते है।

बिजली की खेती में भी अन्य फसलों की तरह उर्वरक डाला जाता है ,उर्वरक की मात्रा से खेती की मिट्टी में पोषक तत्व रहते है ,जो फसल के लिए काफी लाभदायक माने गए है।

खरपतवार नियंत्रण

बिजली की फसल में भी खरपतवार के पौधे होते है ,जिसको सही समय पर नष्ट करना चाहिए। अगर इनको समय पर खेत में से नहीं हटाया गया तो यह फसल की पैदावार को अधिक नुकसान देते है। इसके लिए तो तरिके से खरपतवार को नियंत्रित-किया जाता है। प्राकृतिक तरिके से खेत की निराई – गुड़ाई ही इसकी फसल को अच्छी पैदावार देती है।

बिजली के बीजो की बुआई

आपको बता दे की बिजली का फूल को पौध और बीज दोनों के रूप में उगाया जाता है। सबसे पहले इसकी बुआई के लिए खेत को तैयार करना होता है। उसके लिए मिट्टी की जांच भी करे ,और खेत में गोबर की खाद भी डालनी चाहिए। सभी चीजों का समय पर ध्यान रखना होता है ,तभी इसकी खेती अच्छी होती है।

बिजली के फूल की रोपाई अक्टूबर और नवम्बर के महीने में की जाती है इसकी खेती जिस क्षेत्र की हो जिनका तापमान अधिक होता है तो इसकी खेती को नुकसान अधिक होता है।

बिजली की खेती से होने वाली कमाई

आपको बता दे की बिजली के फूल का भाव बाजार में काफी अच्छा पाया जाता है ,इनके फूलो की डिमांड अधिक होती है। इसका भाव 150 से 300 के बीच पाया जाता है। एक हेक्टैयर के क्षेत्र में 3 से 4 लाख की कमाई की जाती है ,इसकी खेती कर किसान काफी मुनाफा देता है।

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