ट्यूलिप की खेती कैसे करे ,जानिए इसकी सम्पूर्ण जानकारी

Written by Saloni Yadav

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Cultivation Of Tulip Flower :

भारत में अनेक फूलो की खेती की जाती है ,और जिसकी खेती से किसानो की अच्छी पैदावार होती है। ट्यूलिप की खेती फूल के लिए की जाती है ,यह बहुत ही प्रसिद्ध फूल है। यह फूल अधिक मात्रा में पैदावार देती है और किसानो को काफी मुनाफा देता है। ट्यूलिप का पौधा बारहमासी पौधा होता है ,ट्यूलिप की मांग बाजार में हमेशा बनी रहती है ,ट्यूलिप की खेती व्यापारिक दृष्टि से बहुत अधिक मात्रा में की जाती है ,यह फूल दिखने काफो सुन्दर होते है ,ट्यूलिप के फूल में अनेक रंग पाए जाते है ,जैसे -गुलाबी ,मौवे, नीला, पीला, लाल, लाल भूरा ,बैंगनी, टेराकोटा आदि रंग होते है ,ट्यूलिप के फूल लोगो को बहुत आकर्षित करते है। इसकी पैदावार को देखकर किसानो को अधिक मुनाफा होता है। ट्यूलिप के फूल को लिली के फूल की प्रजाति मानते है ,क्योकि ट्यूलिप का फूल कुछ लिली के फूल जैसा दिखाई देता है। ट्यूलिप के फूल की उत्पति हिमालय में मानी जाती है। और इसका मूल निकास तुर्की में माना जाता है।

सबसे अधिक मात्रा में ट्यूलिप का फूल भारत के जम्मू कश्मीर और लदाख में पाए जाते है। ट्यूलिप का वानस्पतिक नाम ट्यूलिया है। इसकी खेती भारत में की जाती है ,इसके अलावा टर्की, चीन, जापान, साइबीरिया ,अफगानिस्तान और भूमध्य सागर में मुख्य रूप से की जाती है। ट्यूलिप की अनेक किस्मे पाई जाती है ,जो अच्छी पैदावार देकर किसानो की अच्छी कमाई करती है। ट्यूलिप के फूल के लिए ठंडी सर्दिया काफी अच्छी होती है , आमतौर से ट्यूलिप का आकार कप के समान होता है। ट्यूलिप की खेती किसी भी रंग के फूल की कर सकते है। ट्यूलिप फूल की मांग बाजार में बढ़ती हुई नजर आ रही है।

ट्यूलिप के फूल को भारत में मुख्य रूप से उगाया जाता है ,ट्यूलिप के फूलो का प्रयोग शादी -विवाह और अन्य चीजों को सजाने में की जाती है ,इस फूल को बहुत महत्व है , जो काफी सुंदर बह होता है ,अगर आप भी इसकी खेती करने का मन बना रहे है तो आज हम आपको इसकी खेती के सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

ट्यूलिप की खेती के लिए आवश्यक जलवायु

इसकी खेती ठन्डे क्षेत्रों में और गर्मी के मौसम में शुष्क क्षेत्रों में की जाती है ,ट्यूलिप के फूल सर्दियों में अधिक मात्रा में फूल देते है ,यह फूल शुष्क और आद्र क्षेत्रों में अच्छी से विकास करते है। गर्मियों के मौसम में अधिक बारिश के कारण इसके बल्ब सड़ जाते है। ,इसलिए इसकी खेत ठन्डे प्रदेशो में की जानी चाहिए ।

ट्यूलिप की खेती के लिए आवश्यक तापमान

आपको बता दे की इसकी खेती के लिए 55 डिग्री से नीचे ही तापमान होना चाहिए। यह फुल आद्र की बजाय शुष्क क्षेत्रों में अधिक विकास करते है। इसकी खेती के लिए सुबह का तापमान 22 से 26 डिग्री और शाम का तापमान 6 से 12 डिग्री सेल्सियस तक होना चाहिए। इसके पोधो को शाम और सुबह की धूप अच्छी होती है ,जिसे पौधे का विकास अच्छा होता है ,और उपज भी काफी अच्छी होती है।

ट्यूलिप के पौधे के लिए आवश्यक मिट्टी

अगर इसकी खेती व्यापरिक स्तर पर की जाती है तो इसके लिए मिट्टी पोषक तत्वों से भरपूर कार्बनिक युक्त होनी चाहिए ,वैसे तो इसकी खेती बलुई दोमट मिट्टी में की जा सकती है ,इसके साथ ही मिट्टी उच्च जल निकास वाली होनी चाहिए इसके साथ भूमि में खाद डालकर मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाना चाहिए ,जिससे फसल में पैदावार की बढ़ोतरी होती है फूलो की अच्छी उपज के लिए मिट्टी को PH मान 6 से 7 के बीच अच्छा माना जाता है।

ट्यूलिप की खेत के लिए आवश्यक सिचाई

आपको बता दे की ट्यूलिप की खेत में अच्छी पैदावार के लिए मिट्टी में नमी की आवश्यकता होती है । वैसे तो इसकी पैदावार जलवायु पर निर्भर करती है। अगर इस फूल की खेती खुले क्षेत्र में की जाये तो सप्ताह में एक दिन करनी चाहिए। अगर फूलो की अच्छी गुणवत्ता और उपज के लिए खेती में अधिक मात्रा में सिचाई की आवश्यकता होती है।

ट्यूलिप के पोधो में खरपतवार नियंत्रण

ट्यूलिप के पोधो में भी अन्य खेती की तरह खरपतवार नियंत्रण की आवश्यकता होती है। ,इसलिए समय -समय पर आवश्यकता होने पर खेत में निराई -गुड़ाई करनी चाहिए। इसके अलावा आप खेत में रासायनिक खरपतवारनाशी दवाइयों का प्रयोग भी कर सकते है। , आप कोनसा भी तरीका अपनाये लेकिन समय पर खरपतवार को नियंत्रित करना चाहिए।

ट्यूलिप की खेती में उर्वरक और खाद का प्रयोग

  • नाइट्रोजन 5%
  • फास्फोरस 10%
  • पोटेशियम 5%

आदि के साथ ANPK जैसे उर्वरक को भी पौधे में डालना चाहिए। जिससे पौधे का विकास भी होगा और पैदावार भी अच्छी होगी।

ट्यूलिप की खेती के लिए खेत की तैयारी और पौध रोपाई

टयूलिप की अच्छी पैदावार के लिए खेत की अच्छे से जुताई करनी चाहिए और उसमे गोबर की खाद डालकर उसको अच्छे से मिट्टी में मिलाना चाहिए ,इसके साथ ही खेत में पानी से पलेव करना चाहिए ,उसके बाद फिर से खेत की गहरी जुताई करे और खेत में ट्यूलिप के बल्बों के रोपाई करे। मिट्टी अच्छी से भुरभुरी होनी चाहिए

आपको बता दे की ट्यूलिप के बल्ब की रोपाई नवंबर के महीने में की जाती है। इसके पौधे की रोपाई के लिए तैयार खेत में क्यारियों को तैयार करना चाहिए ,तथा इसके बीच 10 cm की दुरी होनी चाहिए ,तथा बल्ब को 6 से 8 cm की गहराई में रोपाई करे।

ट्यूलिप की उन्नत किस्मे

आपको बता दे की ट्यूलिप के अनेक प्रकार की किस्मे पाई जाती है इसकी किस्मो को भागो में बता गया है ,जो इस प्रकार है –

  • ट्यूलिप की वे किस्मे जो देर से पैदावार देती है – अर्ली, डबल ,डक वैन टोल और सिंगल आदि है।
  • ट्यूलिप के वे किस्म जो जल्दी पैदावार देती है – ट्यूलिपा स्टेलेटा ,, रेम्ब्रांट, बिजब्लोमेन, डबल लेट,ब्रीडर्स, लिली फ्लावर ,डार्विन संकर , टी. एचिसोनी और डार्विन आदि किस्मे है।

ट्यूलिप की खेती में कटाई का समय पैदावार

आपको बता दे की इसके फूलो की कटाई उच्च पहाड़ियों में अप्रैल और जून में और मध्य पहाड़ियों में फरवरी और अप्रैल में की जाती है ट्यूलिप के फूल की खेती में जलव्यायु के आधार पर अच्छी पैदावार होती है ,क्योकि जलवायु का इसकी खेत पर अधिक असर पड़ता है। ट्यूलिप का फूल अधिक मात्रा में किसानो को मुनाफा देता है।

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