भेड़ पालन (Sheep Rearing ) कैसे करे ? जानिए भेड़ पालन की सम्पूर्ण जानकारी

Written by Saloni Yadav

Updated on:

Sheep Rearing :

आप को बता दे की भारत में किसान खेती के साथ -साथ पशुपालन भी करते है ,जैसे -गाय पालन ,भैस पालन ,बकरी पालन और भेड़ पालन आदि पशुओ को पालन किया जाता है ,भेड़ पालन करने में कम लागत होती है,और इसको बड़े और छोटे दोनों पैमाने पर किया जा सकता है। भेड़ो को स्वधाव शांत होता है ,भेड़ के दूध में अधिक मात्रा में वसा मिलती है। अमेरिका में भेड़ के दूध में काफी वर्दी देखने को मिलती है। भेड़ इस हमे दूध ,घी ,छाछ और दही सभी चीजों की प्राप्ति होती है ,जो हमे अन्य गाय भैस ,और बकरी से होती है इसके साथ ही भेड़ से ऊन की भी प्राप्ति होती है जिसको बेचार भी काफी लाभ होता है। भेड़ का खाद भूमि की उर्वरकता बढ़ाने का अच्छा साधन होता है।। भेद छोटी घास और फसल में बचे डंठलों को खाकर जीवन निर्वहन करती है।

भारत में भेड़ो की 6.5 करोड़ जनसंख्या पाई जाती है। सबसे अधिक भेड़ पालन आंध्रप्रदेश में किया जाता है ,जिसका देश में पहला स्थान है। इसके साथ ही दक्षिण भागो में भी इसका व्यवसाय की जाता है। भारत में भेड़ पालन मुख्य रूप से तमिलनाडु ,पंजाब ,हरियाणा और कर्नाटक मि किया जाता है। भेड़ मुख्य रूप से पठारी और कम वर्सा वाले क्षेत्रों में पाली जाती है। भैस पालन का व्यवसाय लगभग सभी देशो में किया जाता है ,लेकिन भारत का भेड़ पालन में देश में तीसरा स्थान आता है। भेड़ पालन में लगातार वृद्धि देखि जा रही है। भेड़ को आय का प्रमुख स्तोत्र माना जाता है ,कम लागत में भी इसका व्यवसाय की जा सकता है।

भेड़ पालन करने से कम लागत आती है । और इस व्यवसाय को करने में अधिक मुनाफा प्राप्त होता है। अगर आप भी भेड़ पालन करने का मन बना रहे है तो आज हम आपको भेड़ पालन की सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

भेड़ पालन क्या है ?

आपको बता दे की भेड़ एक पालतू पशु होता है ,जिसको अधिक लोग दूध पीने के लिए पालते है और उसकी अच्छी देखभाल करते है ,जिससे अच्छे दूध को प्राप्त करके अच्छा खासा व्यवसाय करते है भेड़ भोजन के रूप में घास और पोधो की पत्तिया खाती है ,भेद अधिक मात्रा में भी नहीं काटी है। भेड़ो से ऊन ,दूध और मास की प्राप्ति होती है। लेकिन इनको खासकर डेढ़ के लिए पाला जाता है। भेड़ के मॉस के विटामिन पाया जाता है।

भेड़ आकार में छोटी होती है और इनका रंग सफेद होता है और सफेद और काला भी होता है ,इसका पालन बड़ी सफलता से किया जा सकता है। इसको किसी भी जलवायु में पाल सकते है। इसको अन्य पशुओ की तुलना में पालना सरल है। यदि भेड़ की कीमत की बात करे तो इसकी कीमत भेड़ो की नस्ल पर निर्भर करनी चाहिए।

भेड़ को पालने के लाभ क्या है ?

  • आपको बता दे की अन्य पशुओ की अपेक्षा भेड़ पालन सरलता से किया जा सकता है।
  • भेड़े पेड़ -पोधो की पत्तिया खाकर भी आपने जीवन निर्वहन कार लेती है और कम मात्रा में ही खाती है।
  • भेड़ो में खुद को मौसम के अनुसार ढलने की क्षमता होती है।
  • भेड़ का आकार छोटा होने के कारण इसको अधिक स्थान के आवश्यक नहीं होती है।
  • अगर अच्छी नस्ल का चयन कर पालन किया जाये तो किसानो को अधिक मुनाफा होता है।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में इसको आय का प्रमुख साधन माना जाता है।
  • भेड़ो से ऊन की प्राप्ति होती है ,जिसका प्रयोग चीजों को बनाने में किया जाता है ,जो भेड़ कम ऊन का उत्पादन करती है वो अधिक दूध और मॉस के लिए जानी जाती है।
  • भेड़ के ऊन से लेनोलिन नामक पदार्थ की प्राप्ति होती है ,जिसको बेचकर कमाई ककी जाती है।
  • भेड़ का दूध शरीर के लिए काफी लाभदायक होता है ,और उसमे पोषक तत्व भी पाए जाते है।
  • भेड़ के ऊन का प्रयोग विभिन कपड़ो को बनाने में किया जाता है।

भेड़ो की नस्ले कौन कौनसी है ?

आप को बता दे की बेड़ो की भारत में कई नस्ले पाई जाती है। कुछ नस्ल की भेड़े अधिक मात्रा में दूध देती है ,और कई कम देती है ,जो भेद कम दूध देती है उनसे अधिक मात्रा में ऊन की प्राप्ति होती है ,और जो नस्ल अधिक दूध देती है ,वे भेड़े अधिक दूध और मास के लिए जानी जाती है। भेड़ की कुछ नस्ले इस प्रकार है –

सोनड़ी

भेड़ की यह नस्ल से मोटी ऊन को उत्पादित करती है। इस नस्ल की भेड़ को चनोथर नाम से भी जाना जाता है।

मालपुरी

भेड़ की यह नस्ल मोटी ऊन का उत्पादन करती है इसकी ऊन से गलीचे भी बनाये जाते है।

जैसलमेरी

इस नस्ल से प्राप्त ऊन मध्यम श्रेणी की होती है।

भेड़ो की कुछ किस्मे इस प्रकार है जैसे –चोकला ,नाली ,मगरा ,खेरी, मारवाड़ी आदि नस्ल क भेड़े पाई जाती है।

भेड़ो की कुछ विदेसी नस्ले भी पाई जाती है ,जो इस प्रकार है –

  • रेम्बुले नस्ल
  • कॉरिडल नस्ल
  • डोस्रेट नस्ल
  • रुसी मेरिनो नस्ल

भेड़ पालन में होने वाला मुनाफा

आपको बता दे की भेड़ से होने वाले मुनाफे की बात करे तो अच्छी नस्ल की भेद साल में 4 बच्चे को जन्म देती है ,अगर 15 से 20 भेड़ भी होगी तो कुछ ही साल में भेड़ो में 30 से 40 की बढ़ोतरी हो जाएगी। आप को बता दे की एक भेड़ की कीमत लगभग 7 से 8 हजार होती है , और अच्छी नस्ल की कीमत इससे दो गुना होती है। किसान अगर आपने खर्चा भी निकल लेगा तो भी उसके 2 लाख तक की कमाई हो सकती है।

भेड़ पालन करने के लिए आवश्यक चीजों की आवश्यकता

भेड़ पालन करने से पहले कुछ आवश्यक चीजों की आवश्यकता होती है ,जो आपके पास होनी आवश्यक है ,अगर नहीं है तो खरीदनी पड़ती है ,तभी आप भेड़ पालन व्यवसाय को शुरू कर सकते है। आवश्यक चीजे इस प्रकार है –

सबसे पहले जमीन का होना आवश्यक

आपको बता दे की भेड़ पालन करने के लिए जगह की आवश्यकता होती है ,अगर आप छोटे स्तर पर पालन करेगे तो घर में भी कर सकते है ,अगर आप बड़े स्तर पर भेड़ पालन शुरू करेंगे तो आपको अधिक जगह यानि जमीन की आवश्यकता पड़ेगी।

भेड़ो को खिलने के लिए भोजन की आवश्यकता

भेड़ो को खिलने के लिए भोजन की आवश्यकता पड़ती है इसलिए भोजन की व्यवस्था पहले ही कर लेनी चाहिए ,वैसे तो भेड़ो को बाहर चराने के लिए ले जाया जाता है बाहर भेड़ पोधो की पत्तिया और हरी घास खाती है। ध्यान रहे की भेड़ो को सुबह और शाम के समय ही चरना चाहिए।

भेड़ के गर्भित होने पर अलग से रहने का स्थान

आप को बता दे की गर्भित पशु को अन्य भेड़ो से अलग रखना चाहिए। क्योकि भेड़ आपस में लड़ाई करती और इस कारण से किसी गर्भित भेड़ को लग जाये तो भेड़ और उसके बच्चो को कुछ होने पर किसानो को हानि हो सकती है। इसलिए इसके लिए एक अलग से रहने की व्यवस्था होनी चाहिए।

भेद पालन करने के लिए सरकार द्वारा वित्तीय अनुदान

आपको बता दे की भेड़ पालन करने वाली व्यक्ति को सरकार द्वारा वित्तीय सहायता मिलती है। सरकार द्वारा किसानो को भेड़ पालने के लिए 90 % सहायता दी जाती है और अन्य 10 % आपको स्वयं करनी होती है। इसलिए अगर कई भेड़ पालन करना चाहता है या कर रहा है वो भी सरकार द्वारा वित्तीय सहायता में लाभ प्राप्त कर सकता है .

Leave a Comment