किसानो को मिलेगा अधिक मुनाफा बैंगन की उन्नत किस्मो से ,जानिए उन्नत किस्मो की सम्पूर्ण जानकारी

Written by Saloni Yadav

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Improved Varieties Brinjal :

आप को बता दे की बैगन की खेती देश में अधिक मात्रा में की जाती है। इसकी खेती किसी भी जलवायु में की जा सकती है ,किसको को फसल की बुआई से पहले ही इसकी उन्नत किस्मो पर ध्यान देना चाहिए ,और हमेशा अच्छी किस्मो को चयन करना चाहिए ,और किस्मे नर्सरी से तैयार 1 से 2 साल पुराने होने चाहिए। और पूरी तरहसे स्वस्थ होने चाहिए ,और उनकी देखभाल भी अच्छे से हो तो फसल में पैदावार अच्छी होगी और। बैंगन की कई कीअमे पाई जाती है। कुछ किस्मे अच्छी होती है जो कम समय में भी अच्छी पैदावार दे सकते है संस्थानों के द्वारा बैंगन की कई उन्नत किस्मो को विकास किया गया है। इसकी खेती किसी भी जलवायु और किसी भी मिट्टी में कर सकते है ,बैंगन की कई किस्मे किसानो को अच्छी पैदावार देती है। इसकी खेती कर किसान को पेसो की अच्छी कमाई होती है।

भारत में बैंगन की खेती सब्जी के रूप में की जाती है ,और बैगन की अनेक किस्मे पाई जाती है जो अपने प्रतिकूल परिस्थितियो में भी अच्छी पैदावार देती है। बैगन लम्बे ,पतले ,गोल और अंडाकार रूप में पाए जाते है। इसके पौधे की पत्तियों में विटामिन C उचित मात्रा में मिलता है। बैंगन में अनेक पोषक तत्वों भी पाए जाते है। बैंगन की खेती ज्यादातर उचाई वाली क्षेत्रों में की जाती है। इसकी खेती सबसे अधिक चीन में की जाती है ,उसके बाद भारत में इसका उत्पादन दूसरे नंबर पर किया जाता है। बैंगन का प्रयोग ज्यादतर सब्जी बनाने में किया जाता है ,लेकिन इससे खाने से कई बीमारियों से छुटकार मिलता है। बैंगन की खेती भारत के राज्य झारखण्ड में 10 % भाग पर की जाती यही। इसकी खेती पूरे साल आसानी से की जा सकती है। अगर आप भी इसकी खेती करने के साथ -साथ अच्छी पैदावार चाहते है तो आपको इसकी किस्मो की जानकारी होना आवश्यक है। इसलिए आज हम आप को इस पोस्ट के माध्यम से बैंगन की खेती में सम्पूर्ण किस्मो की जानकारी देंगे।

जानिए बैंगन की उन्नत किस्मो की जानकारी

बैंगन की अनेक उन्नत किस्मे पाई जाती है इनकी किस्मो का रंग स्वाद ,और पैदावार सभी अलग -अलग होता है। बैंगन की कई किस्मे कम समय में भी अधिक पैदावार देती है। और कई किस्मे अपने प्रतिकूल वातावरण में भी अच्छी पैदावार देती है। आपको बता दे की इसकी किस्मो को जलवायु ,मिट्टी और वातवरण की अनुसार ही पैदा किया जाता है इसकी प्रमुख किस्मे इस प्रकार है।

स्वर्ण श्री किस्म

बैंगन की यह किस्म पति हेक्टैयर के हिसाब से 700 से 800 किवंटल की पैदावार देती है ,और इसके फलो का रंग सफेद और ये आकार में गोलाकार होती है। इस किस्म की सब्जी बहुत अच्छी बनती है ,इसको पयोग सब्जी बनाने के साथ-साथ अन्य चीजों को बनाने में भी किया जाता है। इसका पौधा ढाई से तीन फ़ीट लम्बा होता है।

स्वर्ण श्यामली किस्म

बैंगन की यह किस्म पौध रोपाई के 40 से 45 डीनो के बाद पैदावार देती है। इस किस्म के फलो का हरे रंग का सफेद धरियो वाला होता है। यह किस्म की पैदावार की बात करे तो यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 600 से 650 किवंटल की पैदावार देती है। यह किस्म खाने में काफी स्वादिष्ट होती है ,इसकी यह खास बात है। इस किस्म के पोधो की पत्तियों में हल्के काटे दखाई देते है।

स्वर्ण शक्ति

यह किस्म बैंगन की संकर किस्म होती है ,जो प्रति हेक्टैयर के क्षेत्र में 750 से 800 किवंटल की पैदावार देती है। इस किस्म के फसल चमकदार और लम्बे होते है। इस किस्म के पौधे लम्बाई में ढाई से 3 फ़ीट की आस -पास पाए जाते है।

अर्का नवनीत किस्म

यह बैंगन की संकर किस्म है ,जो प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 65 से 70 टन की पैदावार देती है ,इस किस्म को प्रयोग सब्जी बनाने में किया जाता है ,जिसकी सब्जी काफी अच्छी बनती है ,इस किस्म के फल आकार में गोल और रंग में बैगनी होती है। इसका गुदा और बीज कम मात्रा में मिलते है।

पूसा क्रान्ति किस्म

बैंगन की यह किस्म के फल गहरे बैंगनी रंग के होते है ,इस किस्म को सर्दी और गर्मी के मौसम में भी उगाया जा सकता है। यह किस्म प्रति हेक्टैयर के क्षेत्र में 40 से 45 टन की पैदावार देती है। इसकी लम्बाई की बात करे तो इसकी लम्बाई सामान्य होती है।

पूसा अंकुर

बैंगन की यह किस्म अगेती किस्म होती है जो आकार में अंडाकार और गहरे बैंगनी रंग की होती है ,और साथ ही यह चमकीली भी होती है। और यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 40 से 45 टन की पैदावार देती है। यह किस्म पौध रोपाई के 80 दिनों के बाद पैदावार देती है।

पूसा पर्पल कलस्टर किस्म

आपको बता दे की इस किस्म का पौधा हमेशा सीधा खड़ा रहता है और इसके फल की लम्बाई 10 से 12 cm होती यही ,और यह किस्म पहाड़ी क्षेत्रों में उगाई जाती है। यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 70 किवंटल की पैदावार देती है ,यह किस्म में संकर किस्म होती है।

PH – 4 किस्म

आपको बता दे की यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 25 से 30 टन की पैदावार देती है। और यह किस्म पौध रोपाई के 80 से 85 दिनों के बाद पैदावार देती है ,इस किस्म के फलो का रंग गहरे बैगनी रंग का होता है।

पूसा उत्तम 31 किस्म

बैंगन की यह किस्म गुल और चमकदार होती है। इसका रंग बैगनी होता है ,जो गहरा होता है और चमकदार भी होता है। यह किस्म पौध रोपाई के 85 दिनों के बाद पैदावार देती है। इस किस्म को उत्तरी मैदानी क्षेत्रों और पश्चिमी क्षेत्रों में उगाई जाती है ,जिससे इसकी पैदावार भी अच्छी होती है।

बैंगन की उन्नत और संकर किस्मे इस प्रकार है –

बैंगन की संकर किस्मे

पूसा हाइब्रिड 5
पूसा हाइब्रिड- 6
पूसा हाइब्रिड – 9
काशी
अर्का नवनीत

बैंगन की उन्नत किस्मे

बैंगन की गोल फल की किस्म

  • पूसा उत्तम- 31 किस्म
  • पूसा परपल राउंड किस्म
  • पूसा अंकुर किस्म
  • पूसा हाईब्रिड- 6 किस्म
  • ऋतुराज किस्म
  • पूसा अनमोल किस्म
  • PH – 4
  • T – 3

बैंगन की लम्बे फल की किस्मे

 

  • पंजाब बरसाती किस्म
  • पूसा क्रांति किस्म
  • पूसा परपल लाँग किस्म
  • पन्त सम्राट किस्म
  • पूसा हाईब्रिड- 5 किस्म
  • पंजाब सदाबहार किस्म

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