कीवी की खेती कैसे करे ? जानिए इसकी खेती में लगने वाले रोगो और रोकथाम के उपाय की सम्पूर्ण जानकारी

Written by Saloni Yadav

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How To Cultivate Kiwi :

आपको बता दे की कीवी की खेती फल के रूप में की जाती है। भारत में भी कीवी की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। कीवी एक छोटा -सा फल होता है ,जिसका रंग हल्का हरा होता है। यह फल छोटा होता है लेकिन इसके शरीर में अनेक फायदे होते है। कीवी को भारत के लोग बहुत पसंद करते है। और यह देखते – देखते भारत में कीवी फल की काफी डिमांड होने लगी और किसानो ने भी इसका अधिक मात्र में उपयोग करना शुरू कर दिया ,और इस तरह किसानो की अच्छी कमाई होने लगी और इसकी खेती कर किसान मालामाल हो गए। इस तरह यह कीवी को छोटा – सा फल किसानो के लिए लाभ का साधन बन गया। कीवी का वानस्पतिक नाम: एक्टिनिडिया डेलिसिओसा या ए. चिनेंसिस है।

भारत में कई प्रकार के फलो की खेती की जाती है ,अनेक फल आपने अपने महत्व से जाने जाते है। सभी फल अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण होते है ,ऐसे ही कीवी का बहुत महत्व होता है इसको खाने से शरीर में अनेक लाभ होते है। कीवी के फल में विटामिन C की मात्रा अधिक मिलती है। और यह शरीर में अनेक प्रकार की बीमारियों को दूर करता है। और शरीर में इम्युनिटी को बढ़ाने में भी मदद करता है। इस प्रकार कीवी में विटामिन E ,कॉपर ,सोडियम ,फाइबर और एंटी आक्सीडेट की मात्रा भी मिलती है। कीवी का फल काफी चमकदार होता है ,और इसके अंदर छोटे -छोटे बीज भी पाए जाते है ,

आपको बता दे की सबसे पहले कीवी की खेती चीन में की गयी थी ,और इस वजह से कीवी के फल को चीन का जन्मदाता कहा जाता है। कीवी की खेती कर किसानो को अधिक मुनाफा होता है। आपको बता दे की बाजार में कीवी की मांग अधिक पाई जाती है ,इस लिए किसानो ने भी इसका उत्पादन बढ़ा दिया। और इसकी मांग बढ़ती गयी। अगर आप भी कीवी की खेती करना चाहते है तो आज हम आपको कीवी की खेती की सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

कीवी की खेती के लिए आवश्यक जलवायु

कीवी की खेती को उपोष्ण और शीतोष्ण जलवायु की आवश्यकता होती है ,क्योकि इसकी खेती में अच्छी जलवायु होने पर पैदावार अच्छी होती है। आपको बता दे की किसी भी खेती की लिए जलवायु का होना आवश्यक होता है। फसल के अनुकूल जलवायु के होने से फसल की उपज अच्छी होती है।

कीवी की खेती के लिए आवश्यक तापमान

आपको बता दे की इसकी खेती के लिए सामान्य तापमान की जरूरत होती ाही ,और जब बीज अंकुरित होने लगे तब 15 डिग्री तापमान की और फल के पकते समय 5 से 7 डिग्री तापमान की आवश्यकता होती है ,और इसके पौधे को अधिकतम 30 डिग्री तापमान की जरूरत होती है। इस लिए इसकी खेती के लिए तापमान की भी आवश्यकता होती है।

कीवी की खेती की लिए उचित मिट्टी

आपको बता दे की इसकी खेती के लिए उचित जल निकास वाली गहरी दोमट मिट्टी की आवश्यकता होती है,इस मिट्टी में फसल में उत्पादन अच्छा किया जा सकता है। इसके लिए भूमि का PH मान 5 से 7 होना चाहिए।

कीवी की खेती के लिए उपयुक्त सिचाई

आपको बता दे की कीवी की खेती करने पर सिचाई का विशेष ध्यान रखा जाता है सर्दियों में मौसम इसकी खेती को 9 से 10 दिनों के अंतराल पर सिचाई करे ,और गर्मियों के मौसम में 4 से 5 दिनों के अंतराल पर सिचाई करनी चाहिए। इसके अलावा भी पौध रोपाई के तरनत बार सिचाई करनी चाहिए ,जिससे फसल में बढ़ोतरी अच्छी होती है।

कीवी की खेती के लिए खेत को तैयार करना

आपको बता दे की इसकी खेती एक लिए खेत की अच्छे से जुताई करनी चाहिए ,उसके बाद पुरानी फसल के अवशेषो को नष्ट करे ,फिर खेत में गोबर की सड़ीखाद डालनी चाहिए ,फिर उसको मिट्टी में अच्छे से मिला चाहिए ,उसके बाद खेत में पानी से पलेव करे और कुछ दिनों के लिए खेत को खुला छोड़ दे ,और फिर उसमे गहरी जुताई करवा दे ,जुताई के बाद खेत में पता भी लगवाए ताकि खेत समतल हो सके। जिससे जल भराव की समस्या उत्पन न हो सके। इसकी खेती को एक वर्ष में 19 से 20 सिचाई की आवश्यकता पड़ती है।

कीवी की खेती के लिए पौध की रोपाई और सही समय

कीवी की खेती के लिए रोपाई पौध के रूप में की जाती है ,इसके लिए नर्सरी में पौध को तैयार किया जाता है और नर्सरी में पौध का चयन करते समय ध्यान दे की पौध स्वस्थ और 1 साल पुरानी होनी चाहिए। उसके बाद तैयार खेत में गड्ढे खोद लेने चाहिए। उसके बाद गढ्डा अच्छे से तैयार हो जाये तब उसमे गोबर की खाद डालनी चाहिए। उसके बाद पौध की रोपाई करनी चाहिए।

कीवी की पौध रोपाई ठन्डे मौसम में करनी चाहिए। इसकी खेती को दिसंबर और जनवरी के महीने में की जाती है। तापमान में इसके पौधे अच्छे से विकास नही कर पाते है। और इसकी खेती को गिरने वाले पाले से बचना चाहिए ,

कीवी की खेती में खरपतवार नियंत्रण

आपको बता दे की इसकी खेती में खरपरतवार नियंत्रण के लिए खेत में निराई -गुड़ाई करनी चाहिए ,यानि इसकी खेती में प्राकृतिक तरीके का प्रयोग करना चाहिए। इस फसल में पोधो की पहले गुड़ाई पौध रोपाई के 25 से 30 दिनों के बाद करनी चाहिए। पौधे के अच्छे विकास और अच्छी पैदावार के लिए खेत में निराई -गुड़ाई करनी आवश्यक है।

कीवी की खेती में लगने वाले रोग और रोकथाम के उपाय

आपको बता दे की इसकी खेती में कोई खास रोग नहीं दिखाई दिया है। इसकी खेती की लिए जलनिकास की अच्छी व्यवस्था होनी चाहिए ,और खेती में जलभराव की समस्या नहीं नहीं होनी चाहिए क्योकि इस की खेती में रोग दिखाई देने लगेंगे ,और किसानो को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।

रोकथाम

अगर खेती में का कोई भी रोग दखाई दे तो उसको नष्ट करने के लिए कली खिलने के बाद जीवाणुनाशक का पौधे पर छिड़काव करना चाहिए।

कीवी की खेती के लिए उन्नत किस्मे

  • मुतवा
  • तमुरि
  • मोती
  • एलिसन ब्रूनों किस्म
  • हैवर्ड किस्म

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