धान की उन्नत किस्मे देगी फसल में अच्छी पैदावार ,जानिए सभी किस्मो की सम्पूर्ण जानकारी

Written by Saloni Yadav

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Paddy Crop Field :

आपको बता दे की धान की खेती दुनिया भर में की जाती है। धन की फसल को खरीफ की फसल के साथ उगाया जाता है ,इसको लगभग देश में सभी जगह उगाया जाता है। आजकाल धान की फसल को करोड़ो किसानो के द्वारा उगाया जाता है। धान उत्पादन में भारत का चीन के बाद दूसरा स्थान है ,और भारत में धान को गेहू के बाद दूसरे ही स्थान पर अधिक मात्रा में उत्पादित किया जाता है, धान को मुख्य खाद्य फसलों में गिना जाता है। भारत में धान की खेती पश्चिम बंगाल में अधिक मात्रा में की जाती है। आजकल ऐसे किस्मो को उगाया जाता है जो कम समय में भी फसल में अच्छी पैदावार देती है। धान की खेती करने के लिए उन्नत किस्मो का चयन करना होता है जिसकी जानकारी आपको होनी चाहिए। भान की खेती भारत में मुख्य रूप से हरियाणा ,तमिलनाडु ,आन्ध्रप्रदेश , उतरप्रदेश ,पश्चिम बंगाल ,और पंजाब आदि राज्यों में इसकी खेती की जाती है। झारखण्ड में चावल को 71 % भूमि पर उगाया जाता है।

आपको बता दे की धन की फसल की अच्छी पैदावार के लिए खेत की मिट्टी ,जलवायु ,तापमान को उचित मात्रा में होनी चाहिए। और सबसे ज्यादा जरूरी है की फसल की उन्नत किस्मो की जानकारी होना ,इसलिए जब आपको फसल की उन्नत किस्मो की जानकारी हो जाएगी तो आप धन की उन्नत किस्मो का चयन कर कम समय में उन्नत फसल की अच्छी पैदावार कर सकते हो। अगर आप भी इसकी उन्नत किस्मे का चयन कर उन्नत खेती करना चाहते है तो हम आपको धन की उन्नत किस्मो की सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

धान की पतले दाने वाली किस्मे

अजय (सीआरएचआर- 7)

धान की यह किस्म ओडिशा और आंध्रप्रदेश के भूमि प्रदेशो में की जाती है। यह किस्म बुआई के 125 से 140 दिनों में पक जाती है। इस किस्म का पौधा 110 cm तक बढ़ाता है
धान की फसल प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 75 से 80 किवंटल की पैदावार देती है यह किस्म जलभराव की स्थिति को अधिक दिनों तक सहन नहीं कर सकती है।

सीआर धान – 300

यह किस्म 140 दिनों के आस -पास तैयार होती है ,और इस किस्म के दाने पतले और लम्बे होते है ,तह किस्म प्रति हेक्टैयर के खेत में 55 से 60 किवंटल की पैदावार देती है। इस किस्म की खेती भारत में मुख्य रूप से ओडिशा ,बिहार ,गुजरात ,महाराष्ट और उतरप्रदेश आदि जिलों में की जाती है

सीआर धान – 701

यह किस्म 142 से 145 दिनों के आसपास पकती है। यह किस्म अधिक जलभराव की स्थिति में रहने वाली किस्म है। और इस किस्म को अधिक प्रकाश की आवश्यकता नहीं होती है।

राज लक्ष्मी CRHR – 5

तह किस्म भी लम्बी और पतली होती है। यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 70 से 80 किवंटल की पैदावार देती है। धान की खेती भारत में मुख्य रूप से पश्चिमबंगाल ,असम और ओडिशा में की जाती है तह किस्म भी जलभराव की स्थिति को अधिक दिनों तक
सहन नहीं कर सकती है। इस किस्म के पौधे की उचाई 110 cm तक पाई जाती है।

सीआर सुगंध धान – 907

इस किस्म को अधिक जल भराव की स्थित अच्छी होती है ,और सूर्य का कम प्रकाश इस किस्म के लिये अच्छा होता है। यह किस्म गुजरात ,आन्ध्रप्रदेश और ओडिशा में मुख्य रूप से उगाई जाती है।

धान की उच्च उन्नत किस्मे

PRH – 10

यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 9 से 10 किवंटल की पैदावार देती है। यह किस्म 110 से 115 दिनों के बाद पैदावार देती है।

पायनियर 27P31

इस किस्म के पौधे 110 cm लम्बे होते है। और यह किस्म 135 दिनों के बाद पैदावार देती है। और प्रति हेक्टैयर के हिसाब से यह किस्म 28 से 35 किवंटल की पैदावार देती है। इसके दाने खाने में स्वादिष्ट और चमकदार होते है।

प्रो एग्रो – 6444

यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 6 से 8 किवंटल की उपज दे सकती है। 130 से 150 दिनों के बाद तैयार होती है। यह मुख्य रूप से कर्नाटक ,आन्ध्रप्रदेश और त्रिपुरा आदि राज्यों में उगाई जाती है।

नरेन्द्र 118

इस किस्म के पौधे 85 cm लम्बे होते है। और इस किस्म की खेती कम सिचाई वाले क्षेत्रों में की जाती है। और यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 40 से 45 किवंटल की पैदावार देती है। और इस किस्म के दाने पतले और लम्बे होती है।

धान की किस्मे जो ऊषर भूमि में भी तैयार की जाती है

  • नरेन्द्र ऊसर धान-2008 किस्म
  • नरेन्द्र ऊसर धान-2009 किस्म
  • नरेन्द्र ऊसर धान-3 किस्म
  • नरेन्द्र धान-5050 किस्म

धान की असिंचित दशा में की जाने वाली किस्मे

  • नरेन्द्र लालमनी किस्म
  • साकेत-4 किस्म
  • बरानी दीप किस्म
  • नरेन्द्र-97 किस्म
  • नरेन्द्र-118 किस्म

धान की सिंचित दशा में की जाने वाली किस्मे

  • मालवीय धान-3022 किस्म
  • पंत धान-12 किस्म
  • नरेन्द्र धान-2065 किस्म
  • नरेन्द्र-80 किस्म
  • पूसा-169 किस्म
  • नरेन्द्र-359 किस्म
  • पूसा-44 किस्म
  • पंत धान-4 किस्म
  • धान-10 किस्म
  • पीएनआर-381 किस्म

इसके अलावा भी अन्य किस्मे है जो इस प्रकार है- डब्लू जी अल -32100 ,आई आर -64 और 36 ,DRR धान 310 और 45 ,. पूसा बासमती 1882 ,पूसा बासमती 1853 , पूसा साम्बा 1850 ,पूसा 1612 और पूसा बासमती 1121 आदि किस्मे है ,जो बाजार में भी मिल जाती है।

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