मिर्च की उन्नत किस्मे देगी किसानो को तगड़ा मुनाफा ,जानिए कौनसी है वे किस्मे

Written by Saloni Yadav

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Improved Varieties Of Chili :

आपको बता दे की मिर्ची की खेती नसले के रूप में की जाती है। मिर्च में कैप्सेइसिन रसायन के कारण अधिक तीखी होती है। मिर्च का प्रयोग सभी प्रकार की सब्जियों में किया जाता है। इसका महत्व बहुत होता है। इससे सब्जी का स्वाद भी काफी अच्छा होता है। मिर्च में विटामिन भी पाए जाते है। मिर्च हमारे शरीर के लिए लाभदायक होती है ,तथा अधिक सेवन करने से हानिकारक भी हो सकती है। मिर्च में विटामिन ”A ” और ”C ” पाया जाता है। मिर्च को भूनकर खाने में भी स्वाद अच्छा होता है , मिर्च से अचार भी बनाया जाता है। मिर्च का प्रयोग सभी प्रकार के फास्टफूड में किया जाता है ,जिसके बाद खाने में स्वाद काफी अच्छा होता है। मिर्च को रसोईघर की रानी कहा जाता है ,क्योकि मिर्च के बिना रसोई अच्छी नहीं लगती है ,मिर्च लगभग सभी के घरो में पाई जाती है। और मिर्च के महत्व की कोई सीमा नहीं है ,इसका प्रयोग ज्यादा किया जाता है । लगभग सभी तीखी चीजों में मिर्च को प्रयोग होता है।

मिर्च में अनेक गुण पाए जाते है। इसके अलावा मिर्च की खेती मसाले के रूप में की जाती है ,मिर्च एक प्रकार को ऐसा मसाला है ,जो सभी के घरो की रसोई में निवास करती है। मिर्च के अनेक प्रकार है जैसे -लाल मिर्च ,हरी मिर्च ,शिमला मिर्च आदि मिर्च होती है। विशेष रूप से हरी मिर्च को कर्णाटक ,महाराष्ट ,उड़ीसा ,राजस्थान ,तमिलनाडु और आन्ध्रप्रदेश में उगाया जाता है।

आपको बता दे की देश में अनेक प्रकार की मिर्चे पाई जाती है जिनका प्रयोग अलग -अलग तरह से किया जाता है शिमला मिर्च को प्रयोग ज्यादतर सब्जी बनाने में किया जाता है ,और मोटी लाल मिर्च से अचार बनाया जाता है ,और और हरी मिर्च का प्रयोग अचार के साथ -सतह सलाद में भी प्रयोग करते है और सूखी मिर्च को सब्जी में डाला जाता है। अगर आप भी मिर्ची की उन्नत खेती करे अच्छी पैदावार लेना चाहते है तो मिर्च की उन्नत किस्मो की जानकरी लेना आवश्यक है इसलिए आज आपको इस पोस्ट से उन्नत किस्मो को सम्पूर्ण जानकारी देंगे।

मिर्च की उन्नत किस्मे

मिर्च की उन्नत खेती की अच्छी पैदावार के लिए किस्मो का चयन करना चाहिए ,मिर्च की अनेक किस्मे पाई जाती है ,देशी और संकर किस्म के अलावा भी मिर्च की कई किस्मे पाई जाती है। मिर्च की कुछ किस्मे इस प्रकार है –

पंजाब लाल मिर्च

यह किस्म पंजाब की प्रमुख किस्म है ,और पंजाब में उगाई जाती है। इस किस्म के पौधे उचाई में छोटे है। यह मिर्च प्रति एकड़ के क्षेत्र में 50 किवंटल के पैदावार देती है। और सूखी मिर्च 13 से 15 किवंटल की पैदावार देती है । यह किस्म कम समय में भी अधिक मात्रा में पैदावार देती है।

पूसा सदाबहार किस्म

यह किस्म 60 से 70 दिनों में उपज के लिए तैयार हो जाती है। और हेक्टैयर के खेत में 40 से 50 किवंटल की पैदावार देती है। यह किस्म भारतीय अनुसंधान संस्था द्वारा विकसित की की गई है।

काशी सुर्ख किस्म

इस किस्म की पहली तुड़ाई पौध रोपाई के 55 से 60 दिनों क्वे बाद करनी चाहिए। इस किस्म से लाल मिर्च सूखी एक हेक्टैयर के क्षेत्र में 40 किवंटल की पैदावार देती है। यह संकर किस्म होती है ,जिसका उत्पादन उत्तर प्रदेश के तराई प्रदेशो ,राजस्थान, गुजरात ,छत्तीसगढ़, उड़ीसा, अरुणाचल प्रदेश और बिहार आदि राज्यों में किया जाता है।

अर्का मेघना किस्म

यह किस्म एक अगेती संकर किस्म है। यह किस्म हरी मिर्च का 560 किवंटल और सूखी मिर्च का 55 किवंटल का उत्पादन एक हेक्टैयर के क्षेत्र में होती है। यह किस्म उत्तर प्रदेश के तराई प्रदेशो ,बिहार दिल्ली ,कर्नाटक ,उड़ीसा ,गुजरात ,तमिलनाडु ,अरुणाचल प्रदेश ,केरल और झारखंड आदि राज्यों में इसको उत्पादित किया जाता है।

अर्का यशस्वी H – 8

यह मिर्च सूखी मिर्ची के लिए अधिक उपयोगी मानी जाती है। यह संकर किस्म है जिसके फल मध्यम झुर्रीदार और गहरे लाल होते है। यह किस्म प्रति हेक्टैयर के क्षेत्र में 80 से 85 किवंटल की पैदावार देती है।

कश्मीरी मिर्च की किस्म

आपको बता दे की यह किस्म कश्मीर में मुख्य रूप से उगाई जाती है। इस किस्म को भारत में सबसे अच्छी किस्मो में गिना जाता है। इस किस्म की मिर्च का प्रयोग ज्यादातर सब्जियों में फ्राई करे बनाया जाता है , ये मिर्चे देखने में काफी सुन्दर लगती है इसको सब्जियों में डाला जाता है ताकि सब्जिया भी इसके साथ सुन्दर दिखाई दे सके।

पूसा ज्वाला किस्म

आपको बता दे की यह अन्य किस्म से महत्वपूर्ण मानी जाती है। और 130 से 160 दिनों में तैयार हो जाती है। मिर्च आकार में 9 से 10 cm तक होती है और प्रति हेक्टैयर के हिसाब से 35 से40 किवंटल की पैदावार देती है। और सूखी मिर्च की बात करे तो इसकी उपज 3 से 4 किवंटल प्रति एकड़ है।

पूसा सदाबहार किस्म

इस किस्म को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह किस्म प्रति हेक्टैयर के हिसाब से हरी मिर्च की उपज 40 से 50 किवंटल की पैदावार देती है और सूखी मिर्च की उपज की बात करे तो 7 से 8 किवंटल की उपज देती है।

इसके अलावा मिर्च में अन्य किस्मे

अचार बनाने वाली किस्मे :

अर्का बसंत, सिटी, काशी अर्ली, तेजस्विनी, आर्का हरित , पूसा सदाबहार ,चायनीज जायंट, येलो वंडर,केलिफोर्निया वंडर, अर्का मोहिनी, अर्का गौरव और अर्का मेघना आदि मुख्य किस्मे है ,जिनका प्रयोग अचार बनाने में किया जाता है।

सब्जी बनाने के लिए प्रमुख किस्मे

आर्का बसंत, आर्को गौरव और आर्का मोहिनी और इंदिरा आदि किस्मे है जिसका प्रयोग सब्जी बनाने में किया जाता है।

मसाले के रूप में प्रयोग की जाने वाली किस्मे

कल्याणपुर चमन, भाग्य लक्ष्मी, आर्को लोहित, पंजाब लाल ,जहवार मिर्च- 283 , पूसा ज्वाला, पन्त सी- 1, एन पी- 46 ए और आंध्रा ज्योति आदि मुख्य किस्मे है ,जिसका प्रयोग मसाले के रूप में किया जाता है ,इस मसाले का प्रयोग सब्जी में डालने के लिए किया जाता है।

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