मधुमक्खी पालन कैसे करें, देखिये सही तरीका जिससे कमाई होगी छप्पर फाड़

Written by Priyanshi Rao

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नई दिल्ली. शहद के लिए मधुमक्खी पालन (Beekeeping Farming) करने की शुरुआत जयादा पुरानी नहीं है। मधुमक्खी पालन (Beekeeping Farming) का बिज़नेस पहले लोग नहीं करते थे और इस वजह से लोगों को इसके बारे में जयादा जानकारी भी नहीं होती है। पहले प्राचीन समय से ही जंगलों से शहद को निकालकर लाने का काम तो होता रहा है। लेकिन आज के समय में किसान भाई मधुमक्खी पालन के बिज़नेस (Beekeeping Farming Business) को करके आसानी से अपनी आय को बढ़ा सकते है।

सरकार की तरफ से किसानो को मधुमक्खी पालन (Beekeeping Farming Loan) के लिए ऋण देने की बहुत सी योजनाएं भी चलाई जा रही है जिनके जरिये देश के लाखों किसानो को फायदा मिल रहा है। इस आर्टिकल में हम आपको मधुमक्खी पालन के बारे में पूरी जानकारी देने वाले है। मधुमक्खी पालन (Beekeeping Farming) कैसे करना चाहिए। मधुमक्खी पालन में लागत कितनी आती है और मुनाफा कितना होता है। मधुमक्खी पालन के लिए मक्खियों की प्रजातियों (Beekeeping Farming Bee Types)के बारे में भी आपको पूरी डिटेल में समझायेंगे। इसलिए आर्टिकल को आखिर तक जरुरत पढ़ें।

आगे बढ़ने से पहले आपको मधुमक्खी के बारे में एक जानकारी दे देते हैं जिनसे आपको आगे समझने में आसानी होगी। मधुमक्खी हमेशा एक परिवार में रहना पसंद करती है और इनके परिवार में एक रानी मक्खी (Queen Bee) होती है जो की अपने छत्ते में ही रहती है और रानी मधुमक्खी का काम अंडे देकर अपने परिवार को बढ़ाना होता है। मधुमक्खी के परिवार (Bee Family) में कई सो की संख्या में नर मक्खी भी होती है जो की रानी मक्खी से सम्भोग का कार्य करते है।

आपको बता दें की नर मक्खी (Male Bee) जिसे में रानी मक्खी से छोटी होती है और सम्भोग के तुरंत बाद इनकी मौत भी हो जाती है। इसके अलावा मक्खियों के एक छत्ते में हजारों की संख्या में और भी बहुत सी मखियाँ होती है जो की साइज में नर मक्खी से छोटी होती है। इन सभी मक्खियों का काम होता है फूलों से मधु को एकत्रित करना और उसको शहद (Honey) में बदलकर छत्ते में जमा करना। साथ में इन मखियों के द्वारा ही छत्ते की सुरक्षा और रानी मक्खी (Queen Bee) की सुरक्षा की जाती है। इन मखियों की उम्र लगभग ढाई से तीन महीने की होती है। वहीं रानी मक्खी की उम्र लगभग ढाई से तीन साल तक होती है।

मधुमक्खी पालन से पहले ध्यान रखने वाली बातें

मधुमक्खी पालन (Bee Farming) शुरू करने से पहले आपको बहुत सारी बातों का खास ध्यान रखना होता है जिनके बारे में हमने यहां आगे आपको बताया है। इन बातों को ध्यान से पढ़ें क्योंकि इनके बिना आप मधुमक्खी पालन के बिज़नेस (Madhumakkhi Palan Business) में घाटे में रह सकते है। मधुमक्खी पालन का बिज़नेस सफल तभी हो सकता है जब मधुमक्खी के साथ इंसान का एक व्यवहारिक रिस्ता कायम हो जाता है। चलीये देखते है की वे कौन सी बातें है जो आपको जाननी बहुत जरुरी है।

अगर आप मधुमक्खी पालन का व्यवसाय (Madhumakkhi Palan Business) शुरू करना चाहते है और आपको बिलकुल भी नॉलेज इस बारे में नहीं है तो फिर पहले आपको कुछ दिन के लिए पहले से ये बिज़नेस कर रहे लोगों के साथ बिताने चाहिए। चाहे वहां नौकरी करके काम करें लेकिन उनके साथ काम करके आपको ऐसी गहराई से जानकारी प्राप्त होगी जो आपके इस बिज़नेस के तौर तरीके समझने में काफी काम आएगी। साथ में मधुमक्खी पालन (Bee Farming) के प्रबंधन की भी आपको पूरी जानकारी हो जाएगी।

मधुमक्खी पालन (Bee Farming) शुरू करने से पहले आपको एक ऐसे स्थान की तलाश कर लेनी चाहिए जहां लगभग हार समय पेड़ पौधे रहते हो और फूल रहते हो। ये स्थान पहाड़, जंगल या फिर की का फार्म आदि भी हो सकता है और इसके लिए आपको शायद वहां से परमिशन भी लेनी हो तो जरूर ले लेनी चाहिए।

मधुमक्खी पालन की शुरुआत (Bee Farming Business) छोटे स्तर से करें क्योंकि शुरुआत में आपको ज्यादा नॉलेज नहीं होने के कारन आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। जब आपको पूरी तरफ से इस बिज़नेस के बारे में जानकारी हो जाए तो फिर आप मधुमखी पालन के बड़े स्तर के बिज़नेस के बारें में विचार कर सकते है।

आपके क्षेत्र में जहां आपको मधुमक्खी पालन (Bee Farming) का व्यवसाय शुरू करना है वहां के वातावरण के अनुसार कौन सी प्रजाति की मक्खियां सही रहेंगी इसकी जानकारी भी आपको होनी चाहिए। जिस प्रजाति की मखियों से आप अपना बिज़नेस शुरू करेंगे उसी के अनुसार आपको उपकरणों की भी जरुरत भी पड़ेगी। इसलिए इसकी भी जानकारी पहले से ले लेनी है।

मधुमक्खी पालन का बिज़नेस (Bee Farming Business) शुरू करने से पहले आपको अपने फाइनल प्रोडक्ट को बाजार में कहां और कैसे बेचना है उसकी भी जानकारी आपको पहले से ही करनी होगी। फाइनल प्रोडक्ट को अगर पैकिंग में मार्किट में भेजना है तो उसके लिए भी मशीन और पैकिंग आदि का सामान आपको अरेंज करना होगा। इसके लिए आप फार्मा कंपनी, चॉकलेट बनाने वाली कंपनी या फिर शहद के होलसेल बिज़नेस को चलने वालों से सम्पर्क करना होगा।

मधुमक्खी पालन के लिए मुख्य प्रजातियां

मधुमक्खी पालन के बिज़नेस (Bee Farming) में आपके एरिया के हिसाब से आपको मक्खियों की प्रजातियों (Bee Species) का चुनाव करना होता है। इसके लिए हम आपको यहां निचे मखियों की प्रजातियों के बारे में जानकारी दे रहे है। इससे आपका काम और भी आसान हो जायेगा। भारत में मुख्य रूप से चार तरह की मधुमक्खी की प्रजातियां होती है जीने बारे में हमने यहां बताया है। देखिये मधुमक्खी की प्रमुख प्रजातियां कौन कौन सी है।

  • एपिस फ्लोरिया या बौनी लाल मक्खी
  • एपिस डोरसाटा या भैरों पहाड़ी मक्खी
  • एपिस सिराना इंडिका या देशी मक्खी
  • एपिस मेलिफेरा या यूरोपियन मक्खी

मधुमक्खी पालन करने के फायदे

मधुमक्खी पालन (Bee Farming Benefits) करने से किसान भाइयों को बहुत सारे फायदे भी मिलते है जिनके बारे में शायद उनको कम ही पता होगा। लेकिन ये फायदे किसानो की खेती से भी जुड़े हुए हैं। मधुमक्खी पालन करने के देखिये अनेक फायदे मिलते है।

फसलों में पैदावार बढ़ती है: मधुमक्खी पालन (Bee Farming) करने से जिस स्थान पर आप मधुमक्खी का पालन कर रहे है उस स्थान और उसके आसपास के स्थानों की फसलों की पैदावार बढ़ जाती है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है की मधुमक्खियां फसल के पौधों के पराग कणों को एक्सचेंज कर देती है। मधुमक्खियां खेती में 10 से 15 प्रतिशत तक की पैदावार बढ़ने में मदद कर देती है।

मधुमक्खी पालन करने से आपको शहद की प्राप्ति होती है और आजकल शुद्ध शहद मिलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में आप शहद की प्राप्ति करके उसको मार्किट में सप्लाई कर सकते है। इसके अलावा मधुमक्खी पालन (Honey Bee Farming) करने से किसान भाइयों को जैली की भी प्राप्ति होती है जो की इंसान के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है। रॉयल जैली का उत्पादन मधुमक्खी के छत्तों से किया जाता है।

शहद और जैली के अलावा मधुमक्खी का पालन (Honey Bee Farming) करने से किसान भाइयों को मोम की भी प्राप्ति होती है। आप शायद इस बात को जानते होंगे की मोम को कॉस्मेटिक सामग्री को तैययर करने में इस्तेमाल किया जाता है। इसको भी किसान भाई मार्किट में सप्लाई करके काफी पैसा कमाई कर सकते हैं। वैसे इसके अलावा और भी बहुत सारे फायदे हैं जो मधुमक्खी पालन करने से किसान भाइयों को होते है जिनकी चर्चा हम अलग से किसी आर्टिकल में करेंगे। फिलहाल आगे बढ़ते है क्योंकि आज का हमारा टॉपिक आपको मधुमक्खी पालन (Honey Bee Farming) करने की पूरी जानकारी देना है।

मधुमक्खी पालन के लिए जरुरी उपकरण और यंत्र

मधुमक्खी पालन करने में काम आने वाले यंत्र और औजार बहुत ही जौरी होते है। ये मधुमक्खी पालन का खास हिस्सा होते है। इनके बिना आपका मधुमक्खी पालन का बिज़नेस नहीं चल सकता। इसलिए यहाँ देखिये की मधुमक्खी पालन में आपको किन किन औजारों और यंत्रों की जरुरत पड़ने वाली है।

  • मक्खियों को दूर करने वाले धुंआ का निर्माण करने वाला यंत्र
  • मधुमक्खी के एल आकर के कृत्रिम छत्ते
  • चेहरे पर पहनने वाले मास्क
  • मधुमक्खी के डांक को निकलने वाला उपकरण
  • रानी मधुमक्खी को अलग करने वाला यंत्र
  • हाथों में पहनने वाले विशेष रूप से तैयार किये गए दस्ताने
  • रानी मधुमक्खी का पलास्टिक से तैयार किया गया छत्ता
  • एक चाकू जो छाते से मोम को अलग करता है
  • छत्ते के शहद को अलग करने वाली मशीन
  • छाते पर से मक्खियों का अलग करने वाले छोटे और बड़े साइज के ब्रश

बस आपके बिज़नेस के शुरुआत में आपको केवल इन्ही चीजों की जरुरत पड़ने वाली है। वैसे इसके अलावा आप एक जालीदार टैंट का भी अगर जुगाड़ कर लें तो फिर ये आपके लिए और भी अच्छा रहने वाला है। क्योंकि शहद निकलने का सारा काम उस टैंट के अंदर हो जायेगा। खुले में शहद निकलने का काम करने से मधुमक्खी बहुत परेशान करने लगती है।

मधुमक्खी पालन करने का सही समय क्या होता है

वैसे तो देश में बहुत सारी ऐसी भी जगह है जहाँ पर सालों साल मधुमक्खी पालन (Honey Bee Farming) का कार्य किया जाता है। लेकिन फिर भी किसान भाइयों को इसके बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। मधुमक्खी का पालन सितम्बर महीने से लेकर अक्टूबर में पूरी तयारी की जाती है और फिर इसके बाद नवम्बर महीने में इसकी शुरुआत करना अच्छा रहता है। क्योंकि नवम्बर आते आते फसलों में फूल आने शुरू हो जाते है। ऐसे में मखियों के द्वारा शहद बनाने का काम भी तेज हो जाता है।

इसलिए मधुमक्खी पालन का सही समय सर्दियों का होता है। लेकिन हम यहां आपको एक जरुरी बात बताते है की अगर आप मधुमक्खी का पालन (Honey Bee Farming) करने का बिज़नेस शुरू करना चाहते है तो आपको इसके लिए सभी उपकरण मार्च के आस पास ही खरीद लेने चाहिए क्योंकि जिस समय मधुमक्खी पालन करने का सही समय होता है समय अगर आप सभी उपकरण खरीदने मार्किट में जायेंगे तो आपको महंगे दामों पर इनको खरीदना होगा। ऑफ सीजन में अगर आप ये सभी सामान खरीदेंगे तो आपको सस्ते में मिले जायेंगे।

मधुमक्खी  पालन में जरुरी मधुमक्खी के प्रकार

जब आप मधुमक्खी पालन (Honey Bee Farming Business) का बिज़नेस करना शुरू करेंगे तो आपको तीन तरह की मधुमक्खियों की जरुरत पड़ेगी। इनके बारे में हमने आपको इस आर्टिकल की शुरुआत में भी बताया था। इन तीन तरफ की मक्खियों में पहली रानी मक्खी होती है, दूसरी नर मक्खी और तीसरी कमेरी मक्खी होती है। देखिये अब आगे की इन तीन तरह की मक्खियों की आखिर क्यों जरुरत होती है एक मधुमक्खी पालन (Honey Bee Farming) का बिज़नेस शुरू करने के लिए।

रानी मक्खी: रानी मक्खी एक छत्ते में केवल एक ही होती है। रानी मक्खी का काम केवल अंडे देना होता है। इसके अलावा रानी मक्खी कोई भी कार्य नहीं करती। एक रानी मक्खी की आयु औसतन 3 साल तक की होती है। रानी मक्खी एक दिन में लगभग 1600 – 1700 अंडे देने में सक्षम होती है।

नर मक्खी: ये मक्खी भी रानी मधुमक्खी की तरफ कोई काम नहीं करती बल्कि इनका कार्य रानी मक्खी के साथ सम्भोग करना होता है। इनकी आयु इनके सम्भोग बनाने के समय पर निर्भर करती है। एक नर मधुमक्खी सम्भोग बनाने के तुरंत बात मर जाती है। सम्भोग करने के अलावा इनके पास कोई भी दूसरा काम नहीं होता। एक छत्ते में इनकी संख्या उस छत्ते में मौजूद कुल मखियों की संख्या का करीब 1 प्रतिशत होती है।

कमेरी मक्खी: कमेरी मक्खी छत्ते का सारा कार्य देखती है। इसमें शहद के लिए पराग कणों को लेकर आना, परागकणों से शहद का निर्माण करना, छत्ते का निर्माण करना, मोम बनाना, शहद को छत्ते में स्टोर करना, रानी मक्खी और छत्ते की सुरक्षा काना आदि सभी कार्य कमेरी मखियों के द्वारा किया जाता है। इसके अलावा रानी मक्खी के द्वारा दिए गए अण्डों की रखवाली और छोटे बच्चों की देखरेख का पूरा कार्यभार इन्ही कमेरी मक्खियों के ऊपर ही होता है।

मधुमक्खी पालन में लागत और बचत

मधुमक्खी पालन (Bee Farming) का व्यवसाय शुरू करने से पहले आपको इसमें लगने वाली लागत और होने वाली बचत के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। देखिये अगर आप मधुमक्खी पालन का बिज़नेस शुरू करने जा रहे हैं तो आपको बता दें की मधुमक्खी पालन में काम आने वाली एक पति आपको लगभग 5000 रुपये की पड़ेगी। इस हिसाब से अगर आप 30 पेटियों के साथ अपना बिज़नेस शुरू करेंगे तो आपको 150000 रुपये का खर्चा आएगा। आप इसके हिसाब से कम और जायदा पेटियों के बिज़नेस की गणना कर सकते है।

रही बात बचत की तो बचत तो होती ही है। बिज़नेस कोई भी हो लेकिन आपको उसकी बचत के बारे में बिज़नेस शुरू करने से पहले ही जान लेना चाहिए। 30 पेटियों के साथ शुरू किये गए माशुमकखी पालन (Bee Farming Business) के बिज़नेस में आपको बता दें की इन पेटियों से साल भर में करीब 1200 किलो शहद की प्रति होगी। बाजार में आजकल प्योर शहद मिलना बहुत ही मुश्किल है। आपको बाजार में एक किलो शहद के आसानी से 500 से लेकर 900 रुपये तक मिल जायेंगे। अब आप खुद अंदाजा लगा सकते है की आपको कितनी बचत होने वाली है।

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