मेहंदी की खेती कैसे करें, ताकि कमाई हो बम्पर, देखिये मेहंदी की खेती करने की सम्पूर्ण जानकारी

Written by Priyanshi Rao

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नई दिल्ली. हमारे देश में बहुत साड़ी फसलों की खेती की जाती है। इन्ही फसलों में से एक फसल है मेहंदी की फसल। मेहंदी पूरी दुनिया के अलावा भारत में अपना खास स्थान रखती है। मेहंदी पर बहुत सारे गाने भी बॉलीवुड और अलग अलग क्षेत्रीय भाषाओं में बने हुए हैं। आज आपको उसी मेहंदी की खेती के बारे में सम्पूर्ण जानकारी हम यहां देने वाले है ताकि आप भी मेहंदी की खेती करके लाखों रूपए की कमाई कर सकें।

मेहंदी का इतिहास क्या है?

मेहंदी को ईरानी पौधा माना जाता है। मेहंदी का इतिहास भारत में प्राचीन समय से रहा है। ग्रंथो और वेदों में इसके बारे में विस्तार से बताया गया है। मेहंदी की तासीर ठंडी रहती है। इसलिए इसको लगाने से शरीर में ठंडक मिलती है। भारत में तीज आदि के त्यौहार पर औरतों द्वारा अपने हाथों पर मेहंदी से कलाकृतियां बनवाई जाती है। इसके अलावा मेहंदी को बालों में भी लगाने के काम में लिया जाता है। हिन्दू धर्म में बहुत से धार्मिक कार्यो में मेहंदी का उपयोग किया जाता है।

मेहंदी की खेती के लिए खेत की तैयार

मेहंदी की खेती करने के लिए सबसे पहले खेत की तयारी करनी होती है। वैसे तो मेहंदी की खेती के लिए कोई खास तयारी करने की जरुरत नहीं होती क्योंकि मेहंदी की खेती लगभग हर तरह की जमीन में हो जाती है। पथरीली, कांटेदार भूमि, हलकी या क्षारीय, या फिर लवणीय भूमि हो, सब जगह मेहंदी की खेती बहुत ही आसानी से की जा सकती है।

मेहंदी की खेती में भारत में राजस्थान का पाली जिला सबसे अग्रणी है क्योंकि पाली में सबसे जायदा मेहंदी की खेती की जाती है। इसके अलावा भारत में हरियाणा, छतीशगढ, यूपी, पंजाब आदि राज्यों में भी मेहंदी की खेती की जाती है।

 

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